परी और एक बच्चे की कहानी

Story Fairy  And Boy
Story Fairy  And Boy
एक समय की बात है अच्छी थी अपनी दादी मां के साथ रहती थी एक दिन वह सोने जा रही थी पंथी उसको नींद नहीं आ रही थी तो उसने अपनी दादी मां से परियों की कहानी सुनाने को बोला उसके दादी मां ने कहा कि वह एक उसे एक जादुई परी और एक बच्चे की कहानी सुनाएंगे जिसमें एक बच्ची थी जिसका नाम प्रिया था सीतापुर गांव में नाम के गांव में रहती थी उसको चित्र बनाना बहुत पसंद था पर वह गरीब थी इसलिए उसके पास पेंसिल और कॉपी खरीदने के लिए पैसे नहीं थे परी भी रहती थी एक दिन वह लड़की जंगल में एक वृक्ष के नीचे चित्र बना रही थी तभी उसने किसी की थी चीखने की आवाज सुनी  तो वह उस दिशा में गई तो उसने देखा कि एक कबूतर जाल में फंसा है तब उसको उस पर दया आई और उसने उसे आजाद कर दिया यह देखकर उससे परी बहुत प्रसन्न हुई

 परी ने उस लड़की की इच्छा पूरी किया नहीं

बच्चे के सामने आई और उस लड़की से उस लड़की परी को देखकर पहले तो डर ही फिर परी ने उससे कहा डरो मत मैं तुम्हारी दोस्त हूं पर लड़की को कुछ समझ नहीं आ रहा था परी ने  बच्ची से कहा कि तुम्हें क्या चाहिए तब लड़की बोली पर आप मुझे उपहार क्यों दे रही हैं तब परी बोली कि तुम बहुत दयालु हो और तुमने इस कबूतर की मदद की इसलिए मैं तुम्हें उपहार देना चाहती हूं बोलो तुम्हें क्या चाहिए तब लड़की बोली कि यह तो मेरा फर्ज है मुझे तो उसकी मदद करनी चाहिए थी इसलिए मैंने उसकी मदद की परी ने बोला तुम्हें जो चाहिए वह बोलो मैं एक जादुई परी हूं तुम्हें जो चाहिए वह मैं तुम्हें दूंगी वह तुम्हारे दयालुता का ही नाम होगा

बच्ची ने परी से कुछ मांगा या नहीं

परी ने कहा बोलो डरो मत तुम्हें जो चाहिए वह बोलो फिर बच्ची ने परी से बोला कि मुझे चित्र बनाना बहुत पसंद है पर मेरे पास कलम और कॉपी भी नहीं है इसलिए मैं जंगल में चित्र  बना रही थी आप मुझे एक कलम और एक का कॉपी दे दे तो आपकी बहुत कृपा होगी और मेरे घर पर मेरे माता-पिता भूखे हैं तो आप मुझे थोड़ा सा भोजन दे दे फिर परी ने उसकी इच्छा पूरी की थोड़ी देर बाद ही बच्ची ने परी से दोस्ती कर ली और बच्ची परी से डरती भी नहीं थी या उस पर कि तुम्हें चित्र बनाना क्यों पसंद है तो उसने बोला उसने एक लड़की को चित्र बनाते हुए देखा था तब से उसको चित्र बनाना बहुत पसंद था और वह चित्र बनाने में बहुत माहिर भी थी तू परी ने बोला कि तुम्हारा घर कहां है मुझे ले चलो तो बच्ची ने बोला कि मेरा घर सीतापुर में है यहां तो कृपया करके आप मेरे साथ चलें तो परी ने बोला  की नई-नई तुम जाओ धन्यवाद मैं कभी और आऊंगी

इस कहानी  से हमें क्या सीख मिलती है

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हम हमें सब के प्रति दयालु बनना चाहिए जैसे कि उस बच्ची ने इस कहानी में किया वैसे ही हमें सब के साथ  करना चाहिए
सीख:   हमें सब के प्रति दयालु बनना चाहिए
धन्यवाद......
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