दिल छू देने वाली कहानी ,पिता का बेटी से प्यार
किस नगर से दूर पहाड़ी की तलहटी में रामाकांत नाम का एक बुड्ढा और उसकी बेटी रहते थे उसके पास धन के नाम पर एक घोड़ा और एक गधा और कुछ बकरियां थी 1 दिन उस लड़की का पिता जा रहा था बाजार तो उसने बोला बेटी मुस्कान मैं लकड़ियां बेचने के लिए शहर जा रहा हूं.तुम अपना ख्याल रखना मैं तुम्हारे लिए कुछ लेकर आऊंगा फिर उसने बोला ठीक है बाबा जब तक आप लौटेंगे मैं खाना बनाकर तैयार रखूंगा रामाकांत लकड़ियां लेकर बाजार की ओर चल पड़ा बाजार पहुंचकर एक और खड़ा हो गया |
![]() |
दिल छू देने वाली कहानी |
बोलो कितने में दोगे तो फिर उसने बोला कि यह सारी लकड़ियां ₹50 की है लड़के के बारे फिर उसने बोला ठीक है लेकिन मैं लकड़ियां उसी हालत में लूंगा जिस हालत में भी रखी है.
![]() |
| पिता का बेटी से प्यार ka Shyari |
यह लोग ₹50 और घोड़े को लेकर मेरे पीछे ऑफ तुलाराम के घर पहुंचने के बाद रामाकांत घोड़े की पीठ लकड़ियां उतारने लगा तभी तुलाराम चिल्लाया.......
आपको क्या लगता है तुलाराम ने क्या किया ?
फिर तुला राम ने बोला कि तू क्या कर रहा है मैंने तो तुझसे लकड़िया जिस हाल में है उसी में खरीदी है यानी अगोड़ा मेरा है रामाकांत हक्का-बक्का रह गया और उसने बोला कि हक्का-बक्का रह गया फिर तुला राम ने उससे कहा कि तुम्हें पैसे मिल चुके हैं अब भाग जाओ यहां से और अब घोड़ा भी मेरा है.
![]() |
| एक बेटी और उसकी पिता की कहानी |
मैं उसी हाल में ले लूंगा तो उसने बोला हां ठीक है और मैंने उससे पैसे पूछे तो इसने बोला ₹50 ठग ठग लिया उसको उसके बाद रामाकांत घर गया उसके बाद फिर उसने बोला उस जब घर गया तो उसकी बेटी ने बोला क्या हुआ बाबा रो क्यों रहे हो.
![]() |
| पिता का बेटी से प्यार की कहानी |
क्या वह गई बाजार और उसने क्या किया ?
हां वह लड़की बाजार गई फिर उस पर इस बार उसने घोड़े को लेकर गया और फिर थप्पुला राम आज भी बाजार में घूम रहा था.यह लड़की फिर उसने बोला कि या घटे कितने रुपए में भेजोगे तो यह बोली यह सारी घास ₹20 की है ठीक है मैं घास उसी हालत में लूंगा जिस हालात में भी रखी हुई है.
तू भी पैसे उसी हालत में दोगे जिस हालत में होंगे ठीक फिर उसने बोला कि पैसे तो उस हालत में मिलेंगे मैं उनसे क्या करूंगा फिर घर जाकर लड़की ने स्वयं गधे को उसके उठ से बांध दिया अब मुझे पैसे दीजिए मैं चलती हूं.
![]() |
| Pita KI Shyari Hindi Main |
आपको क्या लगता है कि जज ने क्या किया ?
सुनकर का जी समझ गया कि तुलाराम एक ठग है लड़की ने मांग उचित है.अगर तुम अपना हाथ नहीं दे सकते तो उसके बदले ₹10000 दे सकते हो फिर उसने कहा कि अपने हाथ से प्रिय पैसे नहीं है फिर उसने तुलाराम हुआ तुमने तो मुझे मूर्ख बना दिया लड़की आज से मैं किसी को भी नहीं बताऊंगा तुमने भी तो मेरे पिताजी से उनका घोड़ा था.
मुस्कान घर पहुंची तो रामाकांत का दिल का बहुत खुश हुआ सवा सेर मिली जाता है.
सीख: बुद्धिमता ही सब कुछ है.
धन्यवाद...
#HisChoice
#दिलछूदेनेवालीकहानी





0 टिप्पणियाँ